काव्योत्सव के रंग में साउथ एशियन हेरिटेज फेस्टिवल का भव्य उद्घाटन

जय वर्मा

Jaiverma777@yahoo.co.uk

इस वर्ष 27 अगस्त के अंतर्राष्ट्रीय विराट हिंदी कवि सम्मेलन की एक सुंदर एवं सुहानी शाम नॉटिंघम के हिंदी साहित्य प्रेमियों और दक्षिण एशियाई मूल के लोगों के लिए ऐतिहासिक  यादगार बन गई। यह 2017 के सितंबर माह में नॉटिंघम शहर की कॉंऊसिल द्वारा आयोजित साउथ एशियन हेरिटेज फेस्टिवल के उद्घाटन का अवसर था। इस कवि सम्मेलन का आयोजन भारत के उच्चायोग, लंदन और आई.सी.सी.आर. के तत्वावधान में स्थानीय हिंदी सेवी संस्था काव्यरंग के सौजन्य से किया गया था।

विगत वर्षों में नॉटिंघम के रोबिनहुड किले, नॉटिंघम मंदिर, कॉंऊसिल हाऊस एवं अन्य रमणीय स्थानों में आयोजित विभिन्न साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में स्थानीय प्राधिकारियों, सुप्रसिद्ध लेखकों और साहित्यकारों की गौरवमय उपस्थिति सदैव बनी रही  है। यह वर्ष भी कोई अपवाद नहीं था। इस वर्ष भी इस कार्यक्रम में नॉटिंघम के लार्ड मेयर , ब्रॉक्सटो की मेयर, भारतीय उच्चायोग लंदन के मंत्री समन्वय, हिंदी अधिकारी तथा सी.जी.आई. बर्मिंधम के चांसरी प्रमुख सहित कई गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। यहां तक कि नॉटिंघम के आधिकारिक रोबिनहुड भी अपने पारंपरिक पोशाक में धनुष-बाण के साथ प्रभावशाली प्रतीत हो रहे थे।

साउथ एशियन हेरिटेज फेस्टिवल माह का उद्घाटन भारत से आए छह कवियों के काव्यपाठ आरंभ होने के पूर्व काव्यरंग की अध्यक्षा श्रीमती जय वर्मा एवं अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों द्वारा किया गया। यह नॉटिंघम और उपमहाद्वीप के लोगों के बीच वर्षों पुराने रिश्ते के शहर व्यापी उत्सव का अनुष्ठान था।   इसको धूमधाम से एक पर्व समारोह का रूप देकर नॉटिंघम में विभिन्न स्थानों पर एक महीने तक मनाया गया। नारियल तोड़कर और दीप प्रज्वलन से भारतीय पारंपरिक विधि-विधान के साथ इसका उद्घाटन किया गया। यह आने वाले सप्ताहों में संस्कृतियों के मिलन से उत्पन्न चमत्कारों की उत्कृष्ट शुरुआत थी।

इस कार्यक्रम में लगभग 300 लोग उपस्थित थे। भारत से आए कवियों ने अपने काव्यपाठ से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विभिन्न आयु वर्ग, सामाजिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमियों के उपस्थित लोगों ने इसका भरपूर आनंद उठाया। इस सुअवसर पर लंदन की प्रसिद्ध लेखिका एवं कवयित्री सुश्री दिव्या माथुर को काव्य रंग के वार्षिक साहित्यिक सम्मान से सुशोभित किया गया।

यूनेस्को सिटी ऑफ लिटरेचर के शहर नॉटिंघम की पहचान इसी प्रकार के जीवंत और उत्साहवर्धक कार्यक्रमों के आयोजनों की धरोहर पर आधारित है। निदेशक श्रीमति संदीप महल कार्यक्रम की भव्यता और लोगों के चेहरों से झलक रही खुशी को देखकर अभिभूत थी। यहां कई ऐसे भी लोग थे जो हिंदी  भाषा की समझ के बिना भी कविता का आनंद उठा रहे थे। उनमें अपार उत्साह की उर्जा झलक रही थी। इस कार्यक्रम के सुव्यवस्थित और सफल आयोजन के लिए निश्चय ही काव्यरंग संस्था के सदस्य बधाई के पात्र हैं। कार्यक्रम के बाद स्वादिष्ट भारतीय व्यंजनों के आस्वाद का अवसर भी था।

साऊथ एशियन फैस्टिवल एवं आज़ादी के 70 वर्ष समारोह को आकर्षक बनाने के लिए 23 सितंबर को व्यस्त रेस्टोरेन्ट तथा दुकानों से घिरे वातावरण के खुले मैदान में सुर-भरे संगीत और भारतीय नृत्य का मनोरंजक प्रदर्शन स्कूल के बच्चों ने किया।

सितम्बर माह की अन्य गतिविधियों में नॉटिंघम किले के अंदर भारतीय वस्त्रों की प्रदर्शनी, मेला, फोटो नुमाइश इत्यादि से परम्परागत कौतुक बना रहा।

भारतीय मूल के लोगों की महान उपलब्धियों को प्रभावशाली ढंग से दर्शाने के लिए विवरण पुस्तिका का संपादन कर  हज़ारों की संख्या में सिटी-कॉऊंसिल ने वितरण किया।

नॉटिंघम के लोगों के लिए यह सम्बद्धता एवं एकजुटता का सफ़ल प्रयास था।

लॉर्ड मेयर के आतिथ्य में 29 सितम्बर शुक्रवार को कॉंऊसिल हाऊस के सुसज्जित हाल में समापन समारोह संपन्न हुआ। बंगला देश के उप-उच्चायोग और सी.जी.आई. बर्मिंघम के कॉंसल श्री पंकज शर्मा जी की गौरवमय उपस्थिति ने आयोजकों एवं नॉटिंघम के नागरिकों को उत्साहवर्धक किया।