Jai Verma

Category

Book reviews

Book Review of Sahyatri Hain Hum by Dr Devi Nagrani

तन की भटकन, मन की छ्टपटाहट को झेलते हुए जीवन–यात्रा में “सहयात्री हैं हम”  पलों के पैमाने पीते हुए जाने कितनी बार हम जीते हैं, कुछ देर ठहर कर स्वांस लेते हैं और आगे बढ़ते चले जाते हैं. निराशाओं के… Continue Reading →

© 2017 Jai Verma — Powered by WordPress

Theme by Anders NorenUp ↑